Rooh Se Rooh Tak: Book by Vineet Bansal

Rooh Se Rooh Tak

Product Details:    Share this by email:

ISBN: 9789352297375    Publisher: Nine Books (An Imprint of Vani Prakashan) Year of publishing: 2017     Format:  Hardcover No of Pages: 196        Language: Hindi
गर ना समझें तो यह महज़ एक कहानी है, एक किताब है... बाकी और किताबों की तरह, जिसे आप पढ़ते...Read more
गर ना समझें तो यह महज़ एक कहानी है, एक किताब है... बाकी और किताबों की तरह, जिसे आप पढ़ते हैं और भूल जाते हैं। समझें तो एक कोशिश... उस शय के सबसे सच्चे और सुच्चे स्वरूप को जानने की जिसे हम सभी प्रेम कहते हैं। कहानी की शुरुआत होती है नील से। किस तरह से एक छोटे से शहर का सीधा-सादा सा लड़का यूनिवर्सिटी में आता है और उसकी चकाचौंध में खो जाता है। पहले ही दिन उसकी मुलाकात होती है रणदीप से- यूनिवर्सिटी का सबसे रुआबदार लड़का। दोनों दोस्ती से कुछ आगे बढ़कर एक-दूसरे को भाई समझने लगते हैं। इसी बीच नील को प्यार हो जाता है- सच्चा प्यार, अदिति से। प्यार रणदीप को भी होता है- रिया से, लेकिन एकतरफ़ा प्यार। परिस्थितियाँ कुछ यूँ करवट लेती हैं कि रिया आत्महत्या कर लेती है और जाने से पहले अपनी हत्या का इल्जाम लगा जाती है नील पर। क्या नील रणदीप को अपने बेगुनाह होने का यक़ीन दिलवा पाता है? क्या होता है जब आपका सबसे अच्छा दोस्त आपका सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है? क्या होता है जब प्यार सनकपन की सभी हदें पार कर जाता है? क्या होता है जब आपको प्यार और ज़िन्दगी में से किसी एक को चुनना पड़ता है? क्या नील और अदिति प्यार की उस ऊँचाई को हासिल कर पाते हैं? क्या दोनों एक हो पाते हैं? जवाब आपके हाथों में है- 'रूह से रूह तक'’।
Read less
About the author: Vineet Bansal
औपचारिक रूप से ख़ुद कहीं से लिखना नहीं सीखा पर यूनिवर्सिटीज़... Read more
औपचारिक रूप से ख़ुद कहीं से लिखना नहीं सीखा पर यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेजों में विद्यार्थियों को लेखन-कला के गुर सिखाने जाते हैं। अंग्रेज़ी में और हिन्दी में 2 किताबें लिख चुके हैं। 2 किताबों पर काम जारी है। महाबली खली के साथ मिलकर उनकी जीवनी लिख चुके हैं। और भी कई नामचीन हस्तियों के साथ काम किया है और कर रहे हैं। जल्द ही टी.वी. स्क्रिप्ट लेखन में भी हाथ आजमाने आ रहे हैं। यूँ तो भारतीय स्टेट बैंक में ऑफिसर हैं पर इतना लिखने और पढ़ने का समय कहाँ से निकालते हैं, ये पूछने पर कहते हैं कि - सपनों में। कहते हैं कि मैं सपने बहुत देखता हूँ, कल्पनाएँ बहुत करता हूँ, अपने आप से ज़्यादा आप में रहता हूँ। इनका मानना है कि किताबें
Read less

Recommended Books for you - See all

Price: Rs. 395   Rs.317
You save: Rs.78
Vendor : Starbooks, Delhi
BUY NOW

Free Shipping on all orders of Rs.500 and above. Add Rs.30 otherwise. | Delivered in 21 working days

(Cash on delivery not available)

Imported Edition

Be assured. 7 days Return & Refund Policy.
Click here

2 offers starting from Rs. 317

Rs.317 + Rs.30 delivery charges

In stock | Delivered in 21 working days

Starbooks, Delhi

Add to cart

Rs.328 + Rs.30 delivery charges

In stock | Delivered in 21 working days

Vani Prakashan, delhi

Add to cart

Rs.200 OFF

on purchase of Rs.500 & above

1.Click on Add to Cart & Proceed to Checkout
2.Under payment options, choose
"Redeem Coupon Code/Gift Certificate"
3.Enter Promo Code "SHOP200"
4.Get Rs.200 off, Pay Balance Amount

Valid upto 21st July,13

Rs.200 OFF

on purchase of Rs.500 & above

Terms & Conditions